योजना एवं वास्तुकला विद्यालय, भोपाल की स्थापना भारत सरकार द्वारा ‘राष्ट्रीय महत्व के संस्थान’ के रूप में सन् २००८ में की गई। योजना एवं वास्तुकला विद्यालय भोपाल को वर्ष २०१४ में संसद द्वारा पारित अधिनियम द्वारा राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया है। संस्थान देश को ऐसे योजनाकार एवं वास्तुकार देने के लिए प्रतिबद्ध है जो वैष्विक मानकों के अनुरूप भौतिक एवं सामाजिक पर्यावरण के विकास की चुनौतियों का सामना कर सके। यह संस्थान ’सृजनात्मकता के संस्थान’ के रूप में विकसित होगा जहॉं विद्यार्थियों, अनुसंधानकर्ताओं, प्राध्यापकों एवं समाज में निरीक्षण की भावना प्रबल होगी। योजना एवं वास्तुकला विद्यालय, व्यापक अभिकल्पना के द्वारा सामाजिक समन्वय, संरक्षण के द्वारा सांस्कृतिक समन्वय एवं योजना एवं वास्तुकला शिक्षा के माध्यम से पर्यावरणीय समन्वय को बनाये रखने के लिए प्रयास करेगा।

  

  
  



                             

  
  


अंतिम समीक्षा और अद्यतन 20 फरवरी, 2019 03.30 बजे